शाम का संगीत

2025-12-25 4 views

शाम का संगीत

किनारे की सड़क पर बसें

तेज़ी से भाग रही हैं

भरे तालाब को देखने

दिन भर से ऊबे लोग

मधुमक्खियों की तरह जमा हैं

वे अपने तालाब से बहुत प्यार करते हैं

गाय का रँभाना, बतख़ाें का चिंचिंयाना

दूर से खोमचे वाले की आवाज़ का आकाश में कँपकँपाना

अचानक रुकी बस के पहिए का ज़मीन पर घिसट जाना

रेशा दर रेशा शाम का संगीत बुन रहा है

किनारे पर बैठा

निष्पलक बूढ़ा अपनी उदास आँखों से

पानी पर डगमगाती नाव को

बचाने में लगा है।

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