राजस्थानी और हिन्दी भाषा के चर्चित कवि और उपन्यासकार किशन प्रणय की सातवीं पुस्तक और राजस्थानी भाषा की चौथी पुस्तक ‘अंतरदस’ का विमोचन हिमाचल प्रदेश के 14000 फीट की ऊँचाई पर स्थित सर पास दर्रे में -10 डिग्री में किया।
किशन प्रणय इससे पहले भी अपनी राजस्थानी की तीसरी पुस्तक पंचभूत का विमोचन उत्तराखंड में स्थित 4000 मीटर ऊपर चन्द्रशीला पर कर चुके है।
पुस्तक अंतरदस की कविताएँ गहन अंतरदृष्टि और भारतीय दर्शन से ओतप्रोत है। यह किशन प्रणय की एक नई मुहिम ‘शिखरों पर राजस्थानी भाषा’ के तहत दूसरा पुस्तक विमोचन है। इस विमोचन में किशन प्रणय के साथ उनके मित्र और साथी रुपेश गुप्ता, मुकेश आज़ाद, जयप्रकाश आर्य, गाइड सुनील नेगी, आदित्य नेगी और दिल्ली के डॉ आयुष गुप्ता आदि लोगों ने भी उनके साथ सर पास दर्रे तक सफ़र किया।
यह सफ़र हिमाचल प्रदेश के बर्फ के तूफ़ान के अलर्ट के दौरान किया गया और 40 किलोमीटर की चढ़ाई बर्फ के तूफ़ानो को पार करके की और राजस्थान भाषा को इतनी ऊँचाई तक पहुँचाया।
बर्फ के तूफ़ानों के बीच 14000 फीट पर किया ‘अंतरदस’ का विमोचन
• Sar pass , Himachal